4+ साल के बच्चों के लिए आकर्षक गतिविधियाँ

बच्चे सबसे जिज्ञासु प्राणी हैं। वो हमेशा अपने प्रश्नों के साथ तैयार रहते हैं और अपनी चारों ओर की दुनिया के बारे में ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी प्राप्त करने का प्रयास करते रहते हैं । कभी-कभी हम माता-पिता को उत्तर देने के लिए पुस्तकों और इंटरनेट का सहारा लेना पड़ता है। उदाहरण के लिए, गोवा की हमारी हालिया यात्रा पर, मेरे 7 वर्षीय ने मुझसे पूछा कि तरंगें कैसे बनती हैं? और मुझे उसे सही तरीके से समझाने के लिए गूगल की आवश्यकता पड़ी । बच्चों को इतनी सूक्ष्मता से चीज़ों के ऊपर ध्यान देते देख मुझे हमेशा आश्चर्य होता है ।

उनके इस अन्वेषी दिमाग के कारण  उन्हें घर पर हर समय व्यस्त रखना आसान नहीं है। खासतौर पर 3 से 5 साल के बच्चे, जिनका ध्यान भटकता रहता है। इसलिए यहाँ मैं कुछ मोटर और संवेदी गतिविधियों को सूचीबद्ध कर रही हूँ जिन्होंने मुझे अपने बच्चों को व्यस्त रखने और अपना काम पूरा करने में मदद की है !!

मोटर गतिविधियाँ-

फ्लैश कार्ड / मेमोरी गेम- सबसे सरल और बहुमुखी शिक्षण साधन हैं, साथ-साथ, फ्लैश कार्ड बच्चों को व्यस्त रखने का एक शानदार तरीका है। बाजार में कई तरह के फ्लैश कार्ड उपलब्ध हैं या आप खुद से भी बना सकते हैं। फलों, सब्जियों, जानवरों आदि जैसी वस्तुओं के फ्लैश कार्ड से शुरू करें और फिर मिलान कार्ड जैसे आगे और पीछे, विपरीत आदि पर जाएं। वे सस्ते और हलके होते हैं और सीखने को आसान और मजेदार बनाते हैं। ओह, और उनका ध्यान खींचने के लिए उन्हें जितना संभव हो उतना रंगीन होना चाहिए। ये स्मृति, स्मरणशक्ति, एकाग्रता को बढ़ावा देते हैं, उन्हें युक्ति सिखाते हैं और उनकी सजगता में सुधार करने में मदद करते हैं।

बिल्डिंग ब्लॉक / इंटर-लिंकिंग खिलौने- सबसे उत्तम रचनात्मक खेल हैं। और उनसे कभी भी जी नहीं भरता है। बच्चे को व्यस्त रखने के लिए कई अलग-अलग आकार, रंग, और पैटर्न के ऐसे खिलौने मिलते हैं । बच्चों को ऐसे खिलौने दें और फिर देखिये कैसे उनकीकल्पना को पंखलगते हैं । उनकी सर्जनात्मकता देखकर आप चकित रह जाएंगे । उनकी कल्पना, रचनात्मकता और मोटर कौशल को जगाने के लिए ये बेहतरीन उपकरण होते हैं ।

बोर्ड गेम और पहेलियां- बोर्ड गेम मेरे बच्चों के लिए मेरी दूसरी सबसे पसंदीदा गतिविधि है। ये कई प्रकार के  कौशल  बढ़ाने में सहायक होते हैं, उदारहणतः तर्क शक्ति, मोटर कौशल, हाथ आँखों की समन्वयता  और समस्या-समाधान सांप और सीढ़ी, लूडो, एकाधिकार मोनोपॉली, शतरंज आदि ऐसे कुछ गेम हैं । शुरूआत बड़ी और आसान पहेलियों से करें और फिर धीरे-धीरे कठिन की ओर बढ़ें । एक जगह पर बैठना और युक्ति सिखाने के अलावा, ये धैर्य बनाने में भी मदद करते हैं। यह एक महत्वपूर्ण विशेषता है जिसकी हम सभी को आवश्यकता है।

संवेदी/इंद्रियग्राही गतिविधियाँ-

पेंटिंग/चित्रकारी – बच्चों को रंग पसंद होते हैं। और अकेले पेंटिंग गतिविधियों की एक विस्तृत श्रृंखला पेश कर सकती है। क्रेयॉन, पेंसिल के रंग, पानी के रंग या पेंट, जो भी आपके बच्चे को पसंद है और एक खाली कागज़ का पन्ना —      बस इतने की ही ज़रुरत है । पेंटिंग का कोई एक सही तरीका नहीं है, सबका अपना अपना तरीका है देखें कि आपका बच्चा उस कोरे कागज पर अपनी कल्पना और रचनात्मकता कैसे उकेरता है। आप उनकी रुचि को बनाए रखने के लिए अन्य साधनों का भी उपयोग कर सकते हैं जैसे कि फिंगर पेंटिंग, सब्जी पेंटिंग, स्पंज पेंटिंग, स्टैम्पिंग, स्प्रे पेंटिंग, थ्रेड पेंटिंग इत्यादि – सूची अंतहीन है। यह संवेदी शिक्षण का एक उत्तम साधन भी है। और जैसे-जैसे आपका बच्चा इससे परिचित होता जाता है, आप उसे रेखाओं, आकृतियों आदि के भीतर रंग भरने के लिए कह सकते हैं। चित्रकारी मस्तिष्क को स्पर्श संवेदना और एकाग्रता में सुधार के साथ विचारने और सृजन करने के लिए उत्प्रेरित करती है।

प्ले  डो  (क्रीड़ा के लिए आटे  की लोई) यह सभी उम्र के बच्चों द्वारा पसंद किया जाता है। मेरा 7 साल का बच्चा अभी भी अपने प्ले डो  के साथ खेलना पसंद करता है। वास्तव में, यह एकमात्र ऐसी चीज है जो घर में कभी भी स्टॉक से बाहर नहीं होती है। इन दिनों बाजार में विभिन्न थीम वाले सेट उपलब्ध हैं। वैकल्पिक तौर पर आप एक रोलिंग पिन, कुछ कुकी कटर और शिल्प कैंची की मदद से प्ले डो बना सकते हैं। आपके बच्चे भाँति भाँति की चीजें सृजित कर उन्हें नष्ट करके पुनः सृजित करना चाहेंगे, इस में उनकी सहायता करें ।जैसे की साधारण अक्षर और नंबर, फल, सब्जियाों से लेकर, जटिल वस्तुएं जैसे कार या आइसक्रीम, या यहां तक ​​कि एक जानवर की आकृति । इस तरह  प्ले  डो उन्हें घंटों तक व्यस्त रखेंगे। जब भी मुझे अपने किसी लंबित काम को पूरा करने के लिए व्यवधान रहित वातावरण की आवश्यकता होती है, मैं अपने बच्चे को प्ले  डो  के साथ खेलने के लिए प्रोत्साहित करती हूँ और ध्यान रहे, 5 साल से कम उम्र के बच्चों को माता-पिता की निगरानी में ही प्ले  डो के साथ खेलना चाहिए ।


Activities to Boost Your Child’s Developmental Skills

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बागवानी / रेत खेल– यह एक ऐसी गतिविधि है जो मेरा मानना ​​है कि सभी उम्र के बच्चों को करनी चाहिए। ये सबसे अच्छी संवेदी गतिविधियों में से एक ​​है और प्रकृति के करीब भी ​​है । मेरे दोनों बच्चे रेत के साथ खेलने के बड़े शौक़ीन हैं। यह एक गतिविधि हम हर दिन करते हैं। बस उन्हें अपने रेत में खेलने वाले खिलौने सौंप दें और उन्हें घंटों व्यस्त रखें। आखिर में आपको वास्तव में उन्हें रेत के गड्ढे से खींचना पड़ेगा । यह किसी वस्तु की बनावट को परखने की, ग्रिप्स और ग्रास्प्स, ऊतक संवेदी और रचनात्मक क्षमता का विकास करने में मदद करता है। रेत में संरचनाएं बनाना या फिर बस पत्र और नंबर लिखना– सामाजिक कौशल, संचार कौशल और भाषा विकसित करने में काफ़ी मददगार हो सकता है । इसी तरह से बागवानी भी ​​है । मेरा मतलब है कि वे बागवानी के तरीकों को नहीं जानते होंगे, लेकिन वे निश्चित रूप से मिट्टी डालने, बीज रोपने और पौधों को पानी देने में आपकी सहायता कर सकते हैं। लगभग एक साल हो गया है मुझे अपने 7 साल के बच्चे को पौधे को पानी देने का काम है सौंपे हुए । और छोटा जो 27 महीने का है वो भी जुट जाता है । वह बस स्प्रे बोतल का उपयोग करता है। इस तरह से उन्हें प्रकृति के निकट होने का अवसर मिलता है, वो उन पौधों की देखभाल करना सीखते हैं जो अंततः करुणा और समानुभूति विकसित करने में मदद करेंगे और उन्हें भाई-बहनों के लिए कुछ समय भी मिलता है। और मुझे चाय पीने का समय भी मिल जाता है ! इस तरह एक पत्थर से दो (या शायद दो से अधिक) निशाने लग जाते हैं”।

5 वर्ष की आयु के दौरान एक बच्चे का मस्तिष्क अधिकतम विकास करता है। यह वह अवधि है जब मस्तिष्क अपने कई तंत्रिका मार्गों और जोड़ों को विकसित करता है। परिणामस्वरूप जो संरचना बनती है वह उन विभिन्न कौशलों के लिए नींव है जो एक व्यक्ति अपने आगे के जीवन में विकसित करता है। हम कुछ दिलचस्प क्रीड़ाओं और गतिविधियों के साथ इस विकास को जागृत करने में मदद कर सकते हैं। मैंने कहीं पढ़ा है- “जब आप अपने बच्चे के साथ अपनी कल्पना का उपयोग करते हैं, तो उसका मस्तिष्क आपकी मदद से स्वयं का कल्पना पथ बनाता है “। 


About The Author

Gayatri is from Pune. A fauji brat and now a fauji wife. Professionally a Community Rehabilitation Physiotherapist, but now a happy SAHM to Saanvi (7 years old) and Anay (27 months old). Being a SAHM gave her the opportunity to connect with a passion for blogging and motherlymess.com. My blog is my space, where I share my thoughts on parenting, lifestyle, product reviews and much more.

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